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प्रियांशु

प्रियांशु

वैसे तो EastSons GoodWorks आने वाले हर बच्चे को यहां से बेहद लगाव है लेकिन इन सबके बीच एक बच्चा ऐसा भी है जिसे गुड वर्क्स से इश्क है। वह है...

आवेश

आवेश

आप जिस बच्चे को देख रहे हैं उसका नाम ...आवेश हैं। आवेश चार साल का एक नटखट, चंचल, चुलबुला, समझदार, और होशियार बच्चा है। हर माँ बाप की तरह आवेश के माँ...

एक साधारण नारी’

एक साधारण नारी’

यूँ तो हम सभी एक जीवन के इर्द गिर्द घूमते हैं और सही मायने में हम ही इसके रचयिता होते हैं। वर्षों से मन में एक इच्छा थी कि ऐसे ही कुछ शख्स की कहानी...

सबसे मीठी मिठाई

सबसे मीठी मिठाई

मुझे लिखना नहीं आता। मैं अपनी भावनाओं को कलमबद्ध नहीं कर पाती या यूं कहूँ तो मैं इसके लिए समय ही नहीं निकाल पाती। लेकिन पिछले दिनों दिवाली पर मिले...

प्रियांशु

वैसे तो EastSons GoodWorks आने वाले हर बच्चे को यहां से बेहद लगाव है लेकिन इन सबके बीच एक बच्चा ऐसा भी है जिसे गुड वर्क्स से इश्क है। वह है प्रियांशु। प्रियांशु गुड वर्क्स से तब से जुड़ा है जब गुड वर्क्स ने अपनी नींव रखी थी और अपना अस्तित्व तलाश रहा था। शायद यही कारण है कि वह संस्था की हर छोटी बड़ी चीजों में बढ़ चढ़कर हिस्सा लेता है और सभी बातों का बहुत खयाल रखता है। हंसमुख, शांत और शर्मीले स्वभाव का प्रियांशु सभी बच्चों का चहेता भइया है। वह अपनी ज़िम्मेदारियाँ बख़ूबी निभाता है। ख़ुद बच्चा होते हुए भी सभी बच्चों का अभिभावक है। प्रियांशु एक बहुत ही हिम्मती और आशावादी लड़का है। एक दुर्घटना में अपने...

आवेश

आप जिस बच्चे को देख रहे हैं उसका नाम ...आवेश हैं। आवेश चार साल का एक नटखट, चंचल, चुलबुला, समझदार, और होशियार बच्चा है। हर माँ बाप की तरह आवेश के माँ बाप ने भी उसे लेकर बड़े बड़े सपने सजाएं हैं। इन्हीं सपनों को अंजाम देने की इच्छा से एकदिन उसकी माँ उसे लेकर हमारे पास आयीं। आवेश के मम्मी पापा पेशे से माली हैं। पढ़े लिखे नहीं हैं लेकिन शिक्षा के महत्व को बखूबी जानते हैं। शायद इसीलिए अनेक कठिनाइयों के बावजूद उसे पढ़ाने का सोचा। वह दिन आज भी अच्छी तरह से याद हैं मुझे जब पहली बार आवेश अपनी माँ के साथ गुड वर्क्स आया था। उस दिन उसकी माँ ने बड़ी उम्मीद से हमसे कहा..... मैम इसका ध्यान दीजिएगा। इसे खूब...

एक साधारण नारी’

यूँ तो हम सभी एक जीवन के इर्द गिर्द घूमते हैं और सही मायने में हम ही इसके रचयिता होते हैं। वर्षों से मन में एक इच्छा थी कि ऐसे ही कुछ शख्स की कहानी को मैं बयाँ करूं जो जीवन की एक नई परिभाषा लिखते हैं। कुछ ऐसी कहानियाँ जिनको सुनकर जीवन का सच, संघर्ष और खूबसूरती सब दिखायी देने लगे।एक छोटी सी कोशिश इसी दौर से गुज़रते उन लोगों के जज़्बातों को शब्दों की माला में पिरोकर, हकीकत से रूबरू करने का प्रयास मेरी कलम से.....आज की कड़ी में अनिता की कहानी जो EastSons GoodWorks का हिस्सा है और हमारे सेंटर को साफ़ सुथरा रखने का कार्य करती है। 'एक साधारण नारी' छुट्टी का समय हो चला था, बच्चे इधर-उधर भागने लगे मानो...

सबसे मीठी मिठाई

मुझे लिखना नहीं आता। मैं अपनी भावनाओं को कलमबद्ध नहीं कर पाती या यूं कहूँ तो मैं इसके लिए समय ही नहीं निकाल पाती। लेकिन पिछले दिनों दिवाली पर मिले एक छोटे से पैकेट ने मुझे स्नेह से इतना भर दिया कि मैं उसकी मिठास आप तक पहुंचाने के लिए बाध्य हो गई। दिवाली के बाद अपने बच्चों से मिलने जब मैं गुडवर्क्स पहुंची तो बच्चों ने बड़े उत्साह से ऊंची ध्वनि में मुझे दीपावली की शुभकामनाएं दी। मैंने भी उन्हें गले लगाकर हमेशा ख़ुश रहने को कहा। बच्चे पूरी मस्ती में थे। उन्हें हंसता खेलता देख मैं मंत्रमुग्ध हुए जा रही थी। इसी बीच एक छोटी बच्ची मेरे पास आयी और धीमी आवाज़ में 'हैप्पी दिवाली' कहते हुए एक डब्बा मेरे...

Slow Progress is better than No Progress

The environment in which these underprivileged children live, doesn’t teach them the importance of education. They have no clue, what education could fetch them. What do they only dream of is eating good , wearing stylish clothes, wandering on roads, flaunting highlighted hair with spikes. This is all they aspire to achieve, simply because this is only they get to see and hear. Well, when they come to us on seeing other children, in the lure of stationery, toffees etc, after being convinced by us and might be because of several other reasons, don’t you think, coming to learn itself is the...

A Wonderful Experience at an NGO that left me motivated

I visited an NGO  EastSons'  GoodWorks Trust on 15th of August for an event organised by them. Basically, the NGO is helping to provide a better platform to underprivileged children by providing them free education. Generally in our country plenty number of NGOs are working in this field. As I explored and have seen that they are working on goodwill for slum areas children and some of them are doing in a better way. Children whom I met today were very eager for their better future and were trying to become a known face of a new developed India & that is really appreciable. If we talk...

We all grew up

[vc_row 0=""][vc_column width="2/3"][vc_column_text 0=""]From writing with a pencil to tapping a phone, we all grew up. From eating in our friends’ lunch boxes to waiting for weekends to have a meal with whole family together, we all grew up. From fighting with our friends over every petty issue to looking for one another’s messages on special occasions, we all grew up. From engraving our creativities on wall to searching for a pen at times, we all grew up. From oiling our hair daily to rarely applying oil once or twice a month, we all grew up. From storing our treasures in School Bags to...

खूबसूरती पर हक़ है हमारा

[vc_row 0=""][vc_column width="2/3"][vc_column_text 0=""]ये बाजारवाद का फूंका गया भ्रमित विगुल है आज कई दिनों से इस पर लिखना चाहती थी... एक और ऐड आता टीवी पर जिसमें बच्चे के सुनहरे भविष्य के लिए बेहतरीन कॉन्वेंट स्कूल में पढ़ने की हिमायत होती है... दोनों ऐड मेरे मन में घूम ही रहा था कि मेरे पड़ोस में एक बच्ची आयी थी जो दिल्ली के बहुत जानेमाने कॉन्वेंट स्कूल में पढ़ती है ..मैं आँगन में बैठी उसे झूला झूलते हुए देख रही थी और उसका गाना भी सुन रही थी ...गौरतलब है कि वो पिछले साल भी जिद करके मुझसे आँगन झूला डलवाई थी ..एक पुराना से झूला पड़ा रहता है जो कभी बिट्टी के लिए आया था... ये क़रीब 7 ,8 साल की...

GIVE YOUR SHARE TO SHOW YOU CARE

[vc_row][vc_column width="2/3"][vc_column_text] To work for Society is not an individual’s responsibility. Rather, it’s collective. Thinking of doing something for needy is good And putting that thought into action is even better. It’s great that you are loving & caring. But of what use, if you don’t express your love & care. There are many, who are desperately seeking your affection. So, please come ahead & give your share to show you care. [/vc_column_text][/vc_column][vc_column width="1/3"][vc_video link="https://www.youtube.com/watch?v=SDFwY3EYtEQ"...

जरूरतों का बोझ

[vc_row 0=""][vc_column 0="css=``.vc_custom_1517567823880" width="2/3"][vc_column_text 0=""]मैले कुचैले धोती कुर्ते में एक बूढ़ा आदमी लकड़ियों और आटे दाल से लदी साइकिल को ले के सड़क के बीचों बीच खड़ा हो गया I वक्त था शाम का, सभी का अपने काम से लौटने का वक्त . उस बुजुर्ग का अचानक से बीच राह खड़े हो जाना आने जाने वाले राहगीरों को अपनी ओर आकर्षित कर रहा था I पर विडंबना यह है कि उस आकर्षण का कारण बुजुर्ग का उपहास का केंद्र बनना था ना कि बुजुर्ग के प्रति मानवीय संवेदना का होना I घोर आश्चर्य का विषय है कि कैसे लोगों को उस उपहासात्मक कृत्य के पीछे की वजह नहीं दिखी , किसी को उस बुजुर्ग की अवस्था नहीं नजर...

Ongoing Causes

For such endeavour to keep going, it needs more people, more involvement as it is not one man’s affair. It necessarily requires support from the concerned intellectuals of the society without which accomplishment of such a noble cause can never be possible. We appeal to all readers to come and join us to do some goodworks together.

Save Little Farhaan

We taking the initiative to help save the life of the little Farhaan. Farhaan is 12 year boy, diagnosed with dreadly disease “Thalassemia” when he was just 6 month old.

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Online Classes during COVID-19 for underprivileged kids

Due to this COVID-19 pandemic, the schools are now running online classes all over India but a large section of underprivileged children is devoid of resources.

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Donate NCERT books to help Student

We believe that CBSE curriculum is best for any Kid to get streamline a better education & knowledge grasping. We severly need NCERT books for class 6, 7, 8, & 9.

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Donate your old stuff

Even your useless old stuffs could bring happiness and utility to a lot of underprivileged people. Don’t throw them but better donate it.  

 

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Sponsor a Child

A lot of kids couldn’t afford even the elementary education. You can certainly help one of them and ensure a better future society for all.

 

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